Home करंट अफेयर्स 2047 तक विकसित भारत के लिए ‘कॉपर विज़न दस्तावेज़’ जारी, 6 गुना...

2047 तक विकसित भारत के लिए ‘कॉपर विज़न दस्तावेज़’ जारी, 6 गुना बढ़ेगी मांग: जी. किशन रेड्डी

0
67

सतत और जिम्मेदार खनन की दिशा में बड़ा कदम

केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘कॉपर विज़न दस्तावेज़’ जारी किया। यह सम्मेलन विश्व खनन कांग्रेस की भारतीय राष्ट्रीय समिति द्वारा सर्वोत्तम खदान बंद करने की प्रथाओं के माध्यम से सतत एवं जिम्मेदार खनन पर केंद्रित था।


🔍 कॉपर विज़न दस्तावेज़ के मुख्य बिंदु:

  • 📈 2047 तक कॉपर की मांग में 6 गुना वृद्धि की संभावना
  • 🏭 2030 तक 5 मिलियन टन सल्टिंग और रिफाइनिंग क्षमता विकसित करने की योजना
  • ♻️ घरेलू पुनर्चक्रण (Recycling) को प्रोत्साहन
  • 🌍 वैश्विक साझेदारी के जरिए विदेशी खनिज परिसंपत्तियों की सुरक्षा
  • 🚫 खुले बाजार से आयात पर निर्भरता में कमी

🔋 कॉपर: ऊर्जा और हरित तकनीक की रीढ़

श्री रेड्डी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर एनर्जी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा परिवर्तन में कॉपर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह दस्तावेज़ देश के ऊर्जा-सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति प्रदान करता है।


🤝 दस्तावेज़ की तैयारी में शामिल रहे प्रमुख हितधारक:

  • हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL)
  • हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  • कच्छ कॉपर लिमिटेड
  • वेदांता लिमिटेड
  • इंडो-एशिया कॉपर लिमिटेड
  • लोहुम
  • भारतीय प्राथमिक कॉपर उत्पादक संघ (IPCPS)
  • अंतरराष्ट्रीय कॉपर एसोसिएशन (ICA)

🌱 विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण की ओर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” विज़न के अनुरूप, यह दस्तावेज़ भारत में एक लचीला, आत्मनिर्भर और भविष्य-उन्मुख कॉपर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here