अजमेर, 30 जून।
पुष्कर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत के अथक प्रयासों से क्षेत्र के 19 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर “अटल ज्ञान केंद्र” स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल साक्षरता और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन ग्राम पंचायतों में खुलेंगे अटल ज्ञान केंद्र
बुबानी, भूडोल, नारेली, घूघरा, रामनेर ढाणी, गनाहेडा, बांसेली, देवनगर, बबायचा, बीर, उटड़ा, डूमाडा, भांवता, सराधना, हटूण्डी, सोमलपुर, गगवाना, पनेर और रूपनगढ़ — इन सभी पंचायत मुख्यालयों पर चरणबद्ध तरीके से केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
हर केंद्र पर ₹12.50 लाख की लागत से अधुनातन संसाधनों से युक्त सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह पहल शिक्षा और डिजिटल क्रांति को गांवों की चौखट तक पहुंचाने का प्रयास है।
अटल ज्ञान केंद्र: एक क्रांतिकारी पहल
मंत्री श्री रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि 25 दिसंबर 2024 को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई थी।
इन केंद्रों को केवल पुस्तकालय न मानकर, एक बहुआयामी ज्ञान और सूचना केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सुविधाएं जो इन केंद्रों में उपलब्ध होंगी:
- ई-लाइब्रेरी
- कम से कम 4 कंप्यूटर वर्कस्टेशन
- हाई-स्पीड इंटरनेट
- फर्नीचर व अधुनातन इंफ्रास्ट्रक्चर
- रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण
- करियर काउंसलिंग
- सरकारी योजनाओं की जानकारी
क्रियान्वयन और संचालन:
- ‘अटल प्रेरकों’ की नियुक्ति: स्थानीय योग्य युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से चयनित कर केंद्रों का संचालन कराया जाएगा।
- भवन निर्माण विकल्प:
- भारत निर्माण सेवा केंद्र के प्रथम तल पर हॉल निर्माण।
- जहाँ प्रथम तल संभव न हो, वहाँ 30×20 फीट का स्वतंत्र हॉल बनाया जाएगा।
- 2082 ग्राम पंचायतें पहले चरण में चयनित की गई हैं, जिनकी आबादी 3000 से अधिक है।
बहुआयामी प्रभाव:
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सशक्त मंच।
- डिजिटल साक्षरता में उल्लेखनीय सुधार।
- सरकारी योजनाओं की आसान पहुँच।
- आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते ग्रामीण युवा।
निष्कर्ष:
यह पहल स्पष्ट करती है कि जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत केवल जल प्रबंधन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा और ग्रामीण विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अटल ज्ञान केंद्रों के माध्यम से पुष्कर विधानसभा क्षेत्र न केवल शैक्षणिक बल्कि डिजिटल रूप से भी सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा।
यह योजना एक नवभारत के निर्माण की बुनियाद रख रही है, जहाँ गांव भी ज्ञान के केंद्र बनेंगे।