बारां, 5 जुलाई 2025। राजस्थान सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु शुरू किया गया ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ अब जिले के गांव-गांव में सक्रियता से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 15 जून से 15 जुलाई 2025 तक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के समग्र विकास, सशक्तिकरण, एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ना है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।
🎯 अभियान की प्रमुख जानकारी
📅 अवधि: 15 जून 2025 से 15 जुलाई 2025
📍 स्थान: ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर
👥 लाभार्थी: जनजातीय समुदाय के सभी पात्र परिवार
🎯 उद्देश्य: सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाना, समाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण
🏕️ इन पंचायतों में होंगे शिविर
बारां जिले के कई ब्लॉकों में चयनित ग्राम पंचायतों में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख ग्राम पंचायतें इस प्रकार हैं:
📌 ब्लॉक किशनगंज
- बादीपुरा
- बन्दाखुर्द
- पचलावड़ा
📌 ब्लॉक अटरु
- खड़ीला
📌 ब्लॉक मांगरोल
- जारेला
- मऊ
📌 ब्लॉक छीपाबड़ौड़
- अजनावर
- अमलावदा आली
📌 ब्लॉक बारां
- बटावदा
📌 ब्लॉक शाहाबाद
- ढिकवानी
- पीपलखेड़ी
🧾 किन योजनाओं का मिलेगा लाभ?
इन शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदाय को निम्न योजनाओं की जानकारी व लाभ प्रदान किया जा रहा है:
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- उज्ज्वला योजना
- खाद्य सुरक्षा योजना
- आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना
- स्वरोजगार व कौशल विकास योजनाएं
- जन आधार कार्ड, आधार अपडेट, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ों की सुविधा
🙏 एडीएम जबर सिंह की अपील
बारां जिले के एडीएम श्री जबर सिंह ने कहा कि ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ जिले के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे हम अपने आदिवासी भाइयों और बहनों को मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं।
उन्होंने सभी पात्र जनजातीय परिवारों से शिविरों में भाग लेने और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
“सशक्त समाज की नींव सशक्त परिवार से बनती है। यह अभियान हमारे समाज के उस वर्ग तक पहुंचने का प्रयास है, जिसे वर्षों से नजरअंदाज किया गया था,” – श्री सिंह ने कहा।
📢 निष्कर्ष (Conclusion):
‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ राजस्थान सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो जनजातीय समुदाय को सम्मान, समान अवसर, और सशक्त भविष्य देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
👉 यदि आप या आपका परिवार जनजातीय श्रेणी में आता है, तो इन शिविरों में जरूर जाएं और अपने अधिकारों का उपयोग करें।