लखनऊ, 19 अगस्त। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह को आज लखनऊ में एसीपी इंडिया चैप्टर के 9वें वार्षिक सम्मेलन में अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन (ACP) द्वारा ‘Distinguished Mentor of the Year’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक अनुसंधान का नेतृत्व करने में सक्षम है और चिकित्सा स्वास्थ्य, अनुसंधान, और चिकित्सा शिक्षा में अपने असाधारण योगदान के लिए व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है।
उन्होंने उन्नत चिकित्सा विज्ञान में निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निजी निवेश के लिए खोले गए भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता ने कुछ ही महीनों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित किया है और स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) में वृद्धि हो रही है, जबकि संक्रामक रोग भी समान रूप से बने हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिमी देश, जो पहले अधिकतर गैर-संचारी रोगों का सामना करते थे, अब एड्स और COVID-19 महामारी के उभरने के बाद से संक्रामक रोगों का भी सामना कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की लागत प्रभावी अनुसंधान सुविधाएं, विविध चिकित्सा स्थितियां और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान इस सहयोग को और भी प्रभावी बना सकते हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवा पीढ़ी में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि वे परिहार्य रुग्णता के स्थान पर अपनी ऊर्जा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित कर सकें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का स्वास्थ्य और उनकी खुशहाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के ‘विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंतरिक्ष जैसे अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ते सहयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुक्ला के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अभियान में अपने अमेरिकी और अन्य समकक्षों के साथ शामिल होने का भी उल्लेख किया।