गोडावण संरक्षण के लिए राजस्थान सरकार प्रतिबद्ध, जैसलमेर में राज्य पक्षी की प्रतिमा का अनावरण
जयपुर, 21 मई। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Sanjay Sharma ने गुरुवार को जैसलमेर स्थित Desert National Park में राज्य पक्षी गोडावण की प्रतिमा का अनावरण कर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश दिया। यह पहल राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री Sanjay Sharma ने पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित राजस्थान का संदेश दिया। वहीं जैसलमेर विधायक Chhotu Singh Bhati ने मरुधरा की जीवनरेखा मानी जाने वाली खेजड़ी का पौधा लगाकर प्रकृति संरक्षण में जनभागीदारी का आह्वान किया।
वन मंत्री ने राष्ट्रीय मरु उद्यान एवं अभयारण्य क्षेत्र का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने डेज़र्ट नेशनल पार्क क्षेत्र में सफारी कर गोडावण सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, संरक्षण गतिविधियों और प्रबंधन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संरक्षण कार्यों में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।
कार्यक्रम में वन्यजीव प्रेमी Vasna Ram ने गोडावण की विशेषताओं, उसके प्राकृतिक परिवेश, जीवन शैली तथा मरुस्थलीय क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य वन्यजीवों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गोडावण राजस्थान की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
वन मंत्री Sanjay Sharma ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma के नेतृत्व में राज्य सरकार गोडावण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गोडावण केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि राजस्थान की पहचान, गौरव और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसमें आमजन की भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में जैसलमेर विधायक Chhotu Singh Bhati, समाजसेवी दलपत हिंगड़ा, सवाई सिंह गोगली, डीएफओ बृजमोहन गुप्ता तथा वन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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